विटामिन बी12 की कमी के उपचार व लक्षण Vitamin B12 Foods in Hindi

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आज के जीवन में लोगों को पर्याप्त मात्रा में आहार मिल पाना बहुत ही संघर्षपूर्ण हो चूका है। दुनियाभर में लगभग 70 से 80 प्रतिशत लोगों में आहार की कमी की समस्या है। भले ही वह किसी भी पदार्थ की कमी हो। इन कमियों में एक है विटामिन b12 की कमी। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ के लिए आहार मुख्य भूमिका निभाता है।

किसी भी व्यक्ति के शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विभिन्न सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। इनके बिना शरीर का स्वस्थ रहना लगभग असंभव है। शरीर में विटामिन b12 की कमी होने पर कई प्रकार की शारीरिक एवं मानसिक समस्याएं आ सकती है जैसे कि हाथ-पैरों और जोड़ों में दर्द, रक्त की कमी (Anemia), हड्डियों में दर्द, लाल रक्त कोशिकाओं का नहीं बनना, कमजोरी व जल्दी थक जाना आदि।

विटामिन b12 हमारे शरीर में अल्प मात्रा में किन्तु आवश्यक होता है। यह मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) की कार्यप्रणाली में बहुत ही आवश्यक होता है। इसके अतिरिक्त यह लाल रक्त कणिकाओं (Red blood cells) के निर्माण और फोलिक एसिड (Folic acid) को शरीर के भागों तक पहुँचाने में भी सहायता करता है।

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विटामिन B12 क्या है? (What is Vitamin B12 in Hindi) 

विटामिन b12 एक ऐसा विटामिन है जो जल में विलेय तथा वसा में अविलेय है। इसे विटामिन बी-काम्प्लेक्स (Vitamin B-complex) का भाग कहा जाता है। इसका रासायनिक नाम सायनोकोबालमीन (Cyanocobalamin) है। यह एक एकमात्र ऐसा विटामिन है जिसमें कोबाल्ट (Cobalt) धातु पाई जाती है जिसके कारण इसे कोबालमीन (Cobalamin) भी कहते हैं। 

विटामिन बी 12 कुछ पदार्थों में प्राकृतिक रूप से भी पाया जाता है। इसके अतिरिक्त यह कईं सप्लीमेंट के रूप में भी उपलब्ध है जैसे – मेकोबालमीन (mecobalamin), मिथाइलकोबालामिन (Methylcobalamin) आदि। 

क्या है विटामिन B12 की कमी? (Vitamin B12 Deficiency in Hindi)

Vitamin b12 deficiency in hindi विटामिन बी12
Vitamin B12

विटामिन b12 हमारे शरीर में बहुत ही आवश्यक होता है। यह बहुत से रोगों से बचाने में सहायक होता है और लाल रक्त कणिकाओं (RBCs) के निर्माण में भी बहुत आवश्यक होता है। किन्तु आज के समय में B12 विटामिन की कमी होना बहुत ही सामान्य हो गया है। जब लोगों को विटामिन b-12 की कमी होती है तो बहुत सारी शारीरिक और यहाँ तक कि मानसिक समस्याएं भी होने लगती है। इसके अतिरिक्त हाथ-पैरों, हड्डियों और जोड़ों में भी दर्द होने लगता है।

इस विटामिन की कमी इसलिए होती है क्यूंकि इसे मनुष्य का शरीर स्वयं नहीं बना सकता है। विटामिन b12 की प्राप्ति के लिए शरीर को मुख्य रूप से आहार पर निर्भर रहना पड़ता है। बहुत से लोगों को तो ये पता ही नहीं रहता है कि उनको विटामिन b-12 (Vitamin B-12) की है। यह रोग अधिकतर वयस्कों और गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली स्त्रियों में अधिक होता है। 

विटामिन b-12 मनुष्य के यकृत (Liver) में एकत्रित रहता है ताकि जब भी मनुष्य के शरीर में इसकी कमी आये तो तुरंत उसकी पूर्ति की जा सके। किन्तु यदि शरीर में इसकी कमी बहुत अधिक हो जाती है तब लिवर भी इसकी पूर्ति नहीं कर सकता है। ऐसे में शरीर में कई प्रकार की समस्याएं पैदा होने लगती है।

विटामिन बी12 की कमी के लक्षण (Vitamin B12 Deficiency symptoms in Hindi)

विटामिन बी12 की कमी के लक्षण
Vitamin B12 deficiency symptoms

2 यानि कोबालामिन (Cobalamin Deficiency) की कमी है की नहीं इसका पता ही नहीं चलता है। इसकी कमी होने पर शरीर में कई प्रकार की समस्याएं होने लगती है। शरीर में कमजोरी होने लगती है और जल्दी थकान आने लगती है। इसके अतिरिक्त b-12 विटामिन की कमी होने पर निम्नलिखित समस्याएं होने लगती है –

  • त्वचा में पीलापन

विटामिन b12 की कमीं से मनुष्य की त्वचा में विशेष प्रकार का संक्रमण हो जाता है जिसके कारण नाखूनों और त्वचा में पीलापन दिखाई देने लगता है।

  • आँखों की रौशनी में कमी आना

जिन व्यक्तियों को ठीक प्रकार से दिखाई देना बंद हो जाता है या जिनको धुँधला दिखाई देता है, उन लोगों को भी विटामिन बी 12 की कमी हो सकती है। क्यूंकि इसकी कमीं से आँखों की नजर कमजोर हो जाती है।

  • थकान एवं कमजोरी आना

जो लोग जल्दी थक जाते हैं और हमेशां सुस्ती रहती है या जिन लोगों में कमजोरी आने लग गई है उनको भी विटामिन बी 12 की जाँच करवा लेनी चाहिए। क्यूंकि शरीर में इसकी कमी आने पर कमजोरी और थकान से सम्बंधित समस्याएं भी होने लगती है। कभी-कभी सिरदर्द से सम्बंधित समस्या भी होने लगती है।

  • स्मृति क्षमता में कमीं आना

बी 12 विटामिन की कमी होने पर लोगों में एक समस्या यह भी रहती है कि वे बातों को लम्बे समय तक याद रखने में असमर्थ होते हैं। इसके अतिरिक्त उनकी याददास्त कमजोर होती है और अपने निर्णय लेने, सूझ-बूझ जैसी मानसिक समस्याएं भी होने लगती है।

  • मुंह में छाले होना

जिन व्यक्तियों को विटामिन b12 से सम्बंधित समस्या है उनको मुंह से सम्बंधित समस्या होने लगती है। इसकी कमी से जीभ पर छाले हो जाते हैं और जीभ पर छोटे-छोटे दाने व लालिमा की समस्या भी होने लगती है।

विटामिन B12 की कमी के कारण (Reason of Vitamin B12 Deficiency in Hindi) 

विटामिन बी12 की कमी क्यों होती है?

विटामिन बी12 की कमी होने के निम्नलिखित कारण होते हैं –

विटामिन b12 युक्त पदार्थों का कम सेवन करना

ऐसे पदार्थ जिनमें विटामिन्स (विशेषकर विटामिन b12) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। उन पदार्थों का सेवन पर्याप्त मात्रा में न करने से भी सायनोकोबालमीन की कमी आ सकती है। आहार में कमी होने से भी यह बीमारी हो सकती है। 

प्रणाशी अरक्तता (Pernicious anemia)

यह एक ऐसा रोग है जो हजारों में किसी एक व्यक्ति को होता है। यह प्रोटीन का एक ऐसा प्रकार होता है जो B12 के अवशोषण के लिए आवश्यक होता है। इसकी कमी जब शरीर में होती है तो भी यह रोग हो सकता है।

अवशोषण कम होना

विटामिन b12 का शरीर में अवशोषण कम होने से भी यह रोग हो सकता है। मानव के शरीर में b12 का अवशोषण छोटी आंत के द्वारा होता है। यदि मानव की आंत ही ठीक से कार्य न करे तो इनका अवशोषण नहीं हो पायेगा या कम होगा इसलिए इस कारण भी विटामिन b12 डिफेसिएन्सी की समस्या हो सकती है।

अधिक मात्रा में मादक पदार्थों का सेवन करने से

जो लोग अधिक मात्रा में मादक पदार्थों जैसे कि शराब का सेवन करते हैं उन लोगों को भी इसकी कमी हो सकती है

कुछ प्रकार की बीमारियां

कई बार लोगों में कुछ ऐसी बीमारिया या रोग भी हो जाते है जिनके कारण भी b-12 की समस्या हो सकती है। इन रोगों में मुख्य रूप से निम्नलिखित हैं –

  • क्रोन रोग (Crohn’s disease)
  • सीलिएक रोग (Celiac disease) आदि

कुछ प्रकार की दवाइयां

जो लोग नियमित रूप से एलोपैथिक दवाओं का सेवन करते है उन लोगों को भी विटामिन b12 की समस्या का सामना करना पद सकता है। क्यूंकि अधिक दवाओं के सेवन से b12 का अवशोषण ठीक प्रकार से नहीं हो पता है। ये दवाएं हैं –

  1. कोल्चिसिन (Colchicine) – इसका प्रयोग गठिया (Gout) को ठीक करने के लिए किया जाता है।
  2. क्लोरैम्फेनिकॉल (Chloramphenicol) – इसका प्रयोग जीवाण्विक संक्रमण के उपचार में किया जाता है।
  3. मेटफॉर्मिन (Metformin) – इसका इस्तेमाल मधुमेह (Diabetes) के इलाज में किया जाता है।
  4. इसके अतिरिक्त कुछ अन्य प्रकार की दवाएं भी विटामिन b12 के अवशोषण को कम कर सकती है।

इनके अतिरिक्त भी निम्नलिखित कारणों से भी विटामिन बी12 डिफेसिएन्सी की आशंका हो सकती है –

  • पेट का अल्सर
  • ऑपरेशन द्वारा पेट या आंत के भाग को निकाला जाना
  • बुजुर्गों में इसकी कमी होना सामान्य है
  • प्रणाशी अरक्तता
  • एट्रोफिक गेस्ट्राइटिस (Atrophic gastritis) – यह एक ऐसा रोग है पेट की भीतरी पार्टी पतली हो जाती है।
  • कुछ प्रकार की दवाएं एवं रोग

विटामिन B12 की कमी से बचाव (Prevention of Vitamin B12 deficiency in Hindi)

vitamin b12 prevention
Vitamin B12 prevention

विटामिन बी12 की कमी होने से कैसे बचें?

विटामिन बी12 की कमी से बचने के उपाय निम्नलिखित है –

  • विटामिन बी-12 युक्त अनाजों का सेवन करें जैसे – सोयाबीन में प्रचुर मात्रा में विटामिन b12 पाया जाता है अतः सोयाबीन से बने पदार्थों का सेवन करना चाहिए। इसके लिए आप सोया मिल्क (Soya milk), टोफू (Tofu or soya curd) या सोयाबीन की सब्जी खा सकते हैं।
  • मादक पदार्थों के सेवन से बचें
  • प्रतिदिन संतुलित आहार लें
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पियें
  • डेयरी उत्पादों का सेवन पर्याप्त मात्रा में करने से भी विटामिन बी 12 की कमी नहीं होती है।

विटामिन बी12 की कमी का निदान (Vitamin B12 Deficiency Diagnosis in Hindi)

विटामिन बी12 की कमी की जाँच करने के लिए निम्नलिखित टेस्ट किये जा सकते हैं –

रक्त परिक्षण (Blood Test)

ब्लड की सहायता से विटामिन b-12 की जाँच करने के लिए सीरम विटामिन बी 12 टेस्ट (Serum vitamin B12 Test) किया जाता है। इसके द्वारा लाल रक्त कोशिकाओं और विटामिन का पता लगाया जाता है।

बोन मेरो बायोप्सी (Bone marrow biopsy in Hindi)

जैसा की इसके नाम से ही पता चलता है की इस टेस्ट के द्वारा अस्थि मज्जा (Bone Marrow) का परिक्षण किया जाता है और उसमें विटामिन b12 की जाँच की जा सकती है। विटामिन बी-12 की कमी का पता लगाने के लिए यह टेस्ट भी किया जा सकता है।

एंटीबाडी टेस्ट (Antibody Test)

इस टेस्ट की सहायता से आंतरिक कारक के एंटीबाडीज का परिक्षण किया जाता है और विटामिन b12 की जाँच की जाती है।

शिलिंग टेस्ट (Schilling Test)

विटामिन बी12 का निदान करने के लिए शिलिंग टेस्ट भी किया जाता है। इस टेस्ट में शरीर में रेडियो एक्टिव विटामिन b12 आंतरिक कारक का पता लगाया जा सकता है।

विटामिन बी12 की कमी के उपचार (Home Remedies For Vitamin B12 Deficiency in Hindi)

विटामिन बी12 एक ऐसा विटामिन है जिसका निर्माण मनुष्य के शरीर में नहीं होता है। इसकी पूर्ति के लिए बाह्य स्त्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है। यह विटामिन फलों एवं सब्जियों की तुलना में मांस एवं अण्डों में अधिक पाया जाता है। इसलिए मांसाहार करने वाले लोगों में इस विटामिन की कमी सामान्यतः नहीं देखी जाती है किन्तु शाकाहारी लोगों में विटामिन बी12 की कमी अधिक होती है। विटामिन बी12 की कमी के घरेलू उपाय निम्नलिखित है –

सोयाबीन से दूर करें विटामिन बी12 की कमी (Soybean for Vitamin B12 in Hindi)

विटामिन बी12 की मात्रा सोयाबीन में भरपूर मात्रा में पाई जाती है। विटामिन b12 की कमी को दूर करने के लिए भरपूर मात्रा में सोयाबीन के बने उत्पादों का सेवन करना चाहिए। जैसे – सोया मिल्क, सोयाबीन का पनीर (Tofu), सोयाबीन का तेल एवं अन्य सोयाबीन की बनी वस्तुओ का सेवन करना चाहिए।

ब्रोकली लाभदायक बी12 में (Broccoli for Vitamin B12 in Hindi)

ब्रॉकली में भी विटामिन B12 पाया जाता है। जिन लोगों को इस विटामिन की कमी है वो नियमित रूप से ब्रोकली का सेवन करें। इसमें फोलेट और हीमोग्लोबिन भी पाया जाता है जो रक्त को बढ़ने में भी सहायक होता है।

समुद्री भोजन से दूर होगी विटामिन बी-12 की समस्या (Seafood for Vitamin B12 Deficiency treatment in Hindi) 

समुद्री भोजन में भी भरपूर मात्रा में यह विटामिन पाया जाता है। समुद्र में अधिकतर मछलियां पायी जाती है। ऐसे में जो लोग शाकाहारी है वो मछलियों का सेवन नहीं कर सकते हैं। किन्तु शाकाहारी लोग समुद्र में पाए जाने वाले फलों एवं सब्जियों का सेवन कर सकते हैं जैसे- समुद्री शैवाल (Sea Algae), समुद्री अंगूर, समुद्री स्ट्रॉबेरी (Sea Strawberries), समुद्री सेब (Sea Apple) आदि।

पोषाहार खमीर से दूर करें विटामिन बी12 की समस्या (Nutritional Yeast fortified with Vitamin B12)

एक स्टडी के अनुसार प्रत्येक चम्मच न्यूट्रिशनल यीस्ट में 5mcg तक विटामिन b12 की उपस्थिति रहती है। जिसका सेवन करके आप इस विटामिन की कमी को दूर कर सकते हैं। इसका सेवन आप मसाले के रूप में कर सकते हैं और सलाद में भी डालकर खा सकते हैं।

चुकुन्दर से भी दूर हो सकती है विटामिन बी12 की कमी (Beetroot Vitamin B12 in Hindi)

जिन लोगों को विटामिन बी12 की कमी है वो लोग चुकुन्दर का भी सेवन कर सकते हैं। चुकुन्दर में भी विटामिन b12 की मात्रा पायी जाती है।

दूध एवं दुग्ध उत्पादों से भी विटामिन b-12 की कमी दूर होती है (Dairy product for Vitamin B12 in Hindi)

विटामिन b12 की कमी होने पर आप दूध का सेवन भी कर सकते हैं। दूध में विटामिन b12 पाया जाता है। दूध के अतिरिक्त आप दूध से बने पदार्थों का भी सेवन कर सकते हैं जैसे- दही, मक्खन, पनीर आदि।

अल्फाल्फा से भी ठीक होती है विटामिन b12 की कमी (Alfalfa for Vitamin B12 Deficiency in Hindi)

अल्फाल्फा जिसे रिजका भी कहते हैं। यह एक फूल देने वाला पौधा है जिसकी खेती चारे की फसल के रूप में की जाती है। यह लूसर्न घास के रूप में जाना जाता है। इसमें भी विटामिन बी12 पाया जाता है। जिन लोगों को विटामिन b12 की कमी है वो इसका सेवन कर सकते है।

विटामिन बी 12 की खाद्य सूची (Vitamin B12 foods list in Hindi)

वे पदार्थ जिनमें विटामिन बी12 पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं उनकी फ़ूड लिस्ट निम्न प्रकार है –

शाकाहारियों के लिए (Vitamin B12 foods list Vegetarian) 

जो लोग शाकाहारी है और जो मांस एवं अण्डों का सेवन नहीं करते हैं। वे लोग विटामिन बी१२ की पूर्ति के लिए निम्नलिखित पदार्थों का सेवन कर सकते हैं:

  • सोयाबीन (Soybean)
  • बादाम का दूध (Almond milk)
  • पनीर (Cheese)
  • ब्रोकली (Broccoli)
  • दूध एवं दही (Milk product)
  • न्यूट्रिशनल यीस्ट (Nutritional yeast)
  • मशरूम या कुकुरमुत्ता (Mushroom)
  • ओट्स एवं ओट्स मिल्क (Oates milk)
  • समुद्री फल एवं सब्जियां (Sea fruits and vegetables)
  • चुकंदर (Beetroots)
  • अल्फाल्फा (Alfalfa)
  • बटरनट स्क्वैश (Butternut Squash)
  • एप्पल, आम, केला एवं संतरा आदि

इसके अतिरिक्त सभी प्रकार के फल, हरी सब्जियों एवं अंकुरित अनाजों का सेवन भी करना चाहिए। इनका सेवन पर्याप्त मात्रा में करने से शरीर में किसी भी प्रकार के विटामिन की कमी नहीं होती है। 

मांसाहारियों के लिए (Vitamin B12 foods list non-Vegetarian)

  • अंडे (Eggs)
  • झींगा मछली (Lobster)
  • साल्स मछली (Salsa fish)
  • चिकन (Chicken)
  • ट्राउट मछली (Trout fish)

विटामिन बी 12 की कमी के लिए आयुर्वेदिक दवा (Ayurvedic medicine for Vitamin B12 in Hindi)

विटामिन बी१२ की कमी को दूर करने के लिए निम्नलिखित आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन लाभदायक सिद्ध हो सकता है –

  • एनर्जी प्लस सिरप (Energo Plan Syrup)
  • नागार्जुन हीमा टैबलेट (Nagarjuna Hima Tablet)
  • आरोग्यवर्धिनी वटी (Arogyavardhini Vati)
  • व्हीट ग्रास पाउडर (Wheat grass powder)
  • चंद्रप्रभा वटी (Chandraprabha Vati) आदि

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