शीघ्रपतन (Premature ejaculation in Hindi) – घरेलू उपाय व कारण

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शीघ्रपतन एक बहुत ही शर्मनाक बीमारी है । शर्मनाक बीमारी इसलिए की इस बीमारी के कारण आप अपने लाइफ पार्टनर या जीवन साथी को संतुष्ट (Satisfied) नहीं कर पाते हैं जिसके कारण आपके मन में खुद के लिए ही हीन भावना उत्पन्न हो जाती है और अपने जीवन साथी (Life partner) के सामने शर्म महसूस करते हैं।

संभोग या सेक्स (Sex) करने के मामले में यह शब्द वीर्य स्खलन के लिए प्रयोग किया जाता है। स्त्री सहवास करते समय सेक्स शुरू करते ही पुरुष का वीर्य (Semen) स्खलित हो जाए और पुरुष चाहकर भी उसे रोक न पाए, स्त्री को बिना संतुष्ट या तृप्त किए ही अचानक बीच में ही वीर्यपात (ejaculation) हो जाना ही शीघ्रपतन (Early discharge) कहलाता है।

इस व्याधि (ailment) का संबंध स्त्री से नहीं होता है इसका संबंध पुरुष से होता है। कभी-कभी स्तिथि इतनी खराब हो जाती है कि लिंग (Penis) को योनि (Vagina) के अंदर डालने से पहले ही वीर्य स्खलित (ejaculated) हो जाता है।

संभोग की समयावधि कितनी होनी चाहिए अर्थात कितनी देर में वीर्यपात (premature ejaculation in hindi) होना चाहिए, इसका कोई निश्चित मापदंड नहीं है । यह पुरुष की मानसिक और शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है।

शीघ्रपतन क्या होता है ? (What is Premature Ejaculation in Hindi)

Premature Ejaculation in hindi
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premature ejaculation meaning in hindi

संभोग या सेक्स करते समय संतुष्ट या तृप्त (Satisfied) होने से पहले ही पुरुष के वीर्य का स्खलन होना ही शीघ्रपतन (Early fall or early discharge) कहलाता है। शीघ्रपतन पुरुषों में होने वाली एक प्रकार की यौन समस्या है ।

इसमें सेक्स के दौरान पुरुष की इच्छा के विरुद्ध उसका वीर्य निकल जाता है जिसके कारण वह अपने जीवन साथी या लाइफ पार्टनर को संतुष्ट करने में सक्षम नहीं हो पाता है। इसके कारण असंतुष्टि (dissatisfaction), हीन-भावना (Inferiority complex), ग्लानि (faintness), नकारात्मक विचार (Negative thinking) एवं कभी-कभी अपने साथी के साथ संबंधों में तनाव भी आ जाता है।

इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ सेक्सुअल मेडिकल (International society of sexual medical) के विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि शीघ्रपतन (premature ejaculation meaning in hindi) से लगभग विश्व के 30% पुरुष पीड़ित हैं।

एक बार संभोग करने में लगभग 500 कैलोरी तक ऊर्जा नष्ट हो जाती है । इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि सेक्स के दौरान त्वरित ऊर्जा (Instant energy) प्रदान करने वाले पदार्थों जैसे – जूस, ग्लूकोज, दूध आदि का सेवन करना चाहिए।

यह भी पढ़ें – हस्तमैथुन के फायदे और नुकसान 

शीघ्रपतन के लक्षण ( Symptoms of Premature Ejaculation in Hindi)

Shigrapatan ke lakshan 
Early fall
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शीघ्रपतन में उत्तेजना (Excitement) के एक सेकंड या मिनट के अंदर ही पुरुष का वीर्य बाहर निकल जाता है। यह संभोग करने के लिए अत्यधिक उत्तेजना पैदा करता है।

संभोग क्रिया शुरू करते ही या एक मिनट के अंदर ही वीर्य निकालना। यौन संतुष्टि में कमी होना। शर्मिंदगी के साथ में दोषी (Guilty) महसूस होना। यह एक ऐसा रोग है जो शुक्राणु (Sperms) की गुणवत्ता को प्रभावित करता है।

शीघ्रपतन के कारण (Causes of Premature Ejaculation in Hindi)

Shigrapatan ke karan 

शीघ्रपतन का मुख्य या सटीक कारण क्या है ये अभी भी अज्ञात है किन्तु शीघ्रपतन सामान्य तौर पर तनाव, डर, शारीरिक कमजोरी, अवसाद, स्वप्नदोष आदि के कारण हो सकता है। मानसिक तनाव के कारण सेक्स हार्मोन जैसे – टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन (Testosterone hormon) असंतुलित हो जाते हैं जिसके कारण शीघ्रपतन की प्रोब्लम आ सकती है।

शीघ्रपतन शारीरिक और मानसिक दुर्बलता के कारण (shighrapatan ke karan) भी हो सकता है। शारीरिक कारण जैसे – थायराइड, अनियंत्रित रक्तचाप, मधुमेह (Diabetes) या प्रोस्टेट रोग आदि के कारण भी हो सकता है।

शीघ्रपतन के निम्नलिखित कारण होते हैं –

शीघ्रपतन होने के मनोवैज्ञानिक कारण (Psychological causes of Premature Ejaculation in Hindi)

  • शीघ्रपतन की चिंता करना अर्थात् सेक्स करने से पहले ही ये सोचना कि कहीं जल्दी तो नहीं गिर जायेगा,
  • शुरुआती यौन अनुभव,
  • मानसिक तनाव, रिश्तों से संबंधित समस्याओं के कारण,
  • निद्रा (dormancy) से संबंधित परेशानी होना,
  • गलत सोच जिससे हस्तमैथुन (Masturbation) को बढ़ावा मिलता है,
  • आत्मविश्वास (Self-confidence) की कमी,
  • संभोग की अपेक्षाओं में कमी,
  • सेक्स करते समय अवसाद (Depression), तनाव, घबराहट महसूस करना,
  • यौन शोषण,
  • शरीर की खराब छवि।

शीघ्रपतन के जैविक कारण (Biological causes of Premature Ejaculation in Hindi)

  • अनुवांशिकता (Heridity) यदि किसी व्यक्ति के पिता या अन्य किसी परिवार वालों को शीघ्रपतन की समस्या होती है तो उसके कारण उस व्यक्ति में भी प्रीमेच्योर इजैकुलेशन की समस्या आ सकती है।
  • शरीर में यौन हार्मोन (Testosterone) का असामान्य होना।
  • मूत्रमार्ग या प्रोस्टेट ग्रंथि (Prostate gland) में वायरस, बैक्टीरिया या अन्य किसी प्रकार का संक्रमण होना।
  • मस्तिष्क के न्यूरोट्रांसमीटर सेरोटोनिन (Serotonin) का स्तर असामान्य होना। एम्फ़ैटेमिन (amphetamine), कोकीन (cocaine) और डोपामिनर्जिक (Dopaminergic) जैसी दवाओं के अत्यधिक प्रयोग के कारण।
  • शराब एवं नशीली दवाओं का सेवन करना।
  • सर्जरी या मानसिक आघात के कारण भी शीघ्रस्खलन हो सकता है।
  • एंटीबायोटिक या जैवप्रतिरोधी दवाओं (Antibiotics) का अधिक प्रयोग।
  • जंकफुड जैसे – पिज्जा, बर्गर, पेस्ट्री एवं कोल्ड्रिंक का अधिक मात्रा में सेवन करना।

शीघ्रपतन के प्रकार (Types of Premature Ejaculation in Hindi)

शीघ्रपतन दो प्रकार का होता है –

आजीवन या प्राथमिक (lifelong) शीघ्रपतन

इस प्रकार के शीघ्र स्खलन में फर्स्ट टाइम सेक्स या प्राथमिक यौन संबंध से लेकर पूरे जीवनकाल या हमेशा रहता है।

अर्जित या माध्यमिक शीघ्रपतन 

यदि आपको बिना किसी कारण या समस्या के पूर्व यौन अनुभव के बाद शीघ्रपतन होता है तो उसे अर्जित (acquired) शीघ्रपतन कहते हैं। शीघ्र स्खलन (PE) का सबसे गंभीर प्रकार पूर्व पोर्टस स्खलन (ante Portus ejaculation) होता है जो प्रत्येक प्रवेश के पहले होता है।

शीघ्रपतन से बचाव (Prevention of Premature Ejaculation in Hindi)

शीघ्रपतन की समस्या होने पर उसे निम्नलिखित प्रकार से रोका जा सकता है –

  • संभोग करते समय जब भी लगे कि वीर्य निकलने वाला है तब अपने लिंग को बाहर निकाल लें और 1 मिनट तक रुके । फिर यदि स्थिति सामान्य हो जाए तो वापस सेक्स शुरू करें । ऐसा करने से आप शीघ्रपतन से बच सकते हैं और लंबे समय तक सेक्स कर सकते हैं।
  • उबाऊ वस्तुओं और बातों का स्मरण करें – सेक्स करने के साथ-साथ कुछ उबाऊ (Boring) चीजों और बातों का स्मरण करें। इससे भी आप शीघ्रपतन को कम कर सकते हैं और अधिक समय तक संभोग का आनंद ले सकते हैं । सेक्स करते वक्त स्खलन होने से पहले एक गहरी सांस लें ।
  • सेक्स करते समय दूसरे यौन सुखों के बारे में सोचें इससे तनाव एवं चिंता कम होती है और शीघ्रपतन पर भी नियंत्रण पाया जा सकता है।
  • फोरप्ले (foreplay) करें – संभोग से अधिक फोरप्ले (foreplay) पर ध्यान दें। संभोग करने में कोई भी जल्दबाजी न करें और सेक्स से पहले 15 से 20 मिनिट तक फोरप्ले करें । इससे आप शीघ्रपतन पर भी नियंत्रण पा सकते हैं और अपने पार्टनर को भी संतुष्ट कर सकते हैं।
  • सेक्स से पहले हस्तमैथुन (masturbation) करें -जिन लोगों को शीघ्रपतन की समस्या होती है वो हस्तमैथुन का सहारा भी ले सकते हैं । सेक्स करने से पहले एक बार मास्टरबेशन करें उसके बाद सेक्स करें इससे आप लंबे समय तक सेक्स कर सकते हैं ।
  • कंडोम (Condom) का प्रयोग करें -शीघ्रपतन को कम करने के लिए आप कंडोम का भी इस्तेमाल कर सकते हैं । इसका प्रयोग करने से लिंग या लन्ड (Penis) की संवेदनशीलता (sensitivity) कम होती है । जिसके कारण वीर्य स्खलन देर से होता है ।
  • कीगल व्यायाम (kegel exercise) करें -कीगल एक्सरसाइज करने से जननेंद्रियों की मांसपेशियां मज़बूत होती है और शीघ्रपतन में भी लाभ मिलता है।
  • स्क्वीज तकनीक (Squeeze Technique) अपनाएं – जब भी सेक्स करते समय लगे कि वीर्य निकलने वाला है तब लिंग को योनि से बाहर निकल कर दबा लेना स्क्वीज़ टेक्नीक (Squeeze Technique) कहलाता है। लिंग को बाहर निकाल कर लगभग आधे मिनट तक दबाए रखने से वीर्य नहीं निकलता है और स्थिति सामान्य हो जाने के बाद वापस योनि में डाल दें । इससे आप लंबे समय तक बेड पर रह पाएंगे तथा अपने पार्टनर को चरमसुख दे पाएंगे ।

ये भी पढ़ें – नपुंसकता के घरेलू उपचार 

शीघ्रतन के घरेलू उपाय (Home remedies for Premature Ejaculation in Hindi)

Shighrapatan ke ayurvedic upchar  Shighrapatan ke gharelu upaye in Hindi

शीघ्रपतन को रोकने के लिए आप निम्नलिखित आयुर्वेदिक उपचार कर सकते हैं –

अश्वगंधा (Ashwagandha) से

ashwagandha for premature ejaculation
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shighrapatan me ashwagandha ke fayde

अश्वगंधा का सेवन करने से यौन संबंधी कई लाभ होते हैं । इसके सेवन करने से वात दोष भी संतुलित होते हैं और शीघ्रपतन में भी लाभ मिलता है । अश्वगंधा के सेवन से सेक्स उत्तेजना भी बढ़ती है और इससे नपुंसकता (Infertility) भी दूर होती है। इसका सेवन प्रतिदिन शहद या पानी के साथ में कर सकते हैं ।

जामुन की गुठली के चूर्ण का सेवन करें शीघ्रपतन या अर्ली डिस्चार्ज में 

शीघ्रपतन या प्रीमेच्योर इजेकुलेशन के घरेलु उपचार या आयुर्वेदिक उपचार (premature ejaculation treatment in hindi) में जामुन की गुठली भी फायदेमंद होती है। प्रतिदिन जामुन की गुठली का पाउडर एक गिलास दूध के साथ पिए। यह प्रक्रिया लगातार करने से वीर्य या धातु का नष्ट होना बंद हो जाता है और वीर्य बनना प्रारंभ हो जाता है।

अकरकरा (Akarkara) का चूर्ण खाएं

प्रीमेच्योर इजेकुलेशन को ठीक करने के लिए अकरकारा (shighrapatan ki medicine) भी फायदेमंद होता है । इसके अलावा अकरकरा जननांगों में रक्त संचार को बढ़ाता है और नपुंसकता को भी कम करता है । यह पुरुषों में कामोत्तेजक को बढ़ाता है तथा स्पर्म की संख्या और प्रजनन क्षमता को भी बढ़ाता है । अकरकारा लिंग की मसल्स को मजबूत बनाता है और वीर्य को निकलने से रोकता है ।

सफेद मूसली (White Muesli) का सेवन करें

सफेद मूसली का सेवन करने से भी शीघ्रपतन ठीक होता है । इसमें अनगिनत औषधीय (premature ejaculation treatment in hindi) गुण पाए जाते हैं जो यौन समस्याओं को दूर करती है । सफेद मूसली का सेवन करने से वीर्य गाढ़ा बनता है और शुक्राणुओं (Sperm) की संख्या को भी बढ़ाती है । यह वीर्य की मात्रा और शुद्धता में भी सुधार करती है ।

सफेद कौंच बीज (White Kaunch seeds) का प्रयोग

सफेद कौंच बीज का सीधा प्रयोग सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। इसका सेवन करने से पहले बीजों के छिलके को हटा लेना चाहिए। इसके लिए आप पूरी रात भर कौंच के बीजों को दूध या गौमूत्र में भीगो कर रख दें और सुबह उसके छिलकों को हटा लें। उसके बाद उसे धूप में सूखा दें। सूखने के बाद इसका पाउडर इस्तेमाल करें।

मकरध्वज वटी (Makardhwaj vati) का सेवन

मकरध्वज का प्रयोग बहुत सारी यौन संबंधी समस्याओं को ठीक करता है। यह वीर्य विकार को सुधारने का कार्य भी कार्य करता है तथा शुक्राणुओं में वृद्धि करता है। यह अधिक मैथुन के कारण लिंग के ढीलेपन को भी ठीक करने का कार्य करता है।

शीघ्रपतन का रामबाण उपचार यदि कोई आयुर्वेदिक औषधि है तो वो मकरध्वज वटी ही है। इसका उपचार (premature ejaculation treatment in hindi) किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक के परामर्श से करना चाहिए।

इसबगोल (Isabgol) और मिश्री का सेवन करें

Isabgol for shighrapatan
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कई लोग इसका नाम कम जानते हैं किंतु यह कई बीमारियों के लिए औषधि का कार्य करता है। इसका शीघ्रपतन में भी आयुर्वेदिक उपचार (early discharge medicine in hindi) रूप में प्रयोग किया जाता है।

पीसा हुआ इसबगोल, पीसी हुई मिश्री एवं खसखस तीनों को बराबर मात्रा में मिला लें और प्रतिदिन शाम को भोजन करने के बाद 15 ग्राम दूध के साथ पीएं। दो से तीन माह तक रोजाना करने से शीघ्रपतन की समस्या दूर होती है।

अरंडी के तेल (Castor oil) से मालिश करें

castor oil in hindi
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एरंड के तेल से लिंग के ऊपर मालिश करने से भी अर्ली इजेकुलेशन (shighrapatan ki medicine) की समस्या ठीक होती है। इसके अलावा आप किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से भी सलाह ले सकते हैं।

अंडे (Egg) का सेवन करें

अपनी डाइट में अंडे को भी एड कर सकते हैं। अंडे में प्रोटीन, कैल्शियम आदि तत्व पाए जाते हैं। जो सेहत के लिए लाभदायक होते हैं। इसके अतिरिक्त इसमें कोलेस्ट्रॉल भी पाया जाता है जो सेक्स हार्मोन को संतुलित करता है।

भिंडी (Bhindi) का सेवन शीघ्रपतन में

शीघ्रपतन का उपचार (shighrapatan ki medicine) में भिंडी (Lady finger) भी रामबाण इलाज करती है। प्रतिदिन एक चम्मच भिंडी के पाउडर को रात को सोने से पहले आधा या एक गिलास दूध में डालकर पिएं। ऐसा डेढ़ से दो माह तक करने से शीघ्रपतन में फर्क दिखने लगेगा।

प्याज (Onion) के बीजों का सेवन करें

आपको बता दें कि शीघ्रपतन को रोकने के लिए प्याज भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके लिए आप हरे प्याज एवं सामान्य प्याज दोनो का ही सेवन कर सकते हैं। हरे प्याज के बीजों को पीसकर तीनों टाइम भोजन करने से पहले एक गिलास पानी में मिलाकर पीने से वीर्य जल्दी नहीं निकलता है। यह प्रक्रिया एक से दो महीने तक दोहराएं। इसके अलावा आप कच्चा प्याज भी खा सकते हैं।

अदरक (Ginger) एवं शहद का पेस्ट लाभकारी

प्रतिदिन रात को सोने से पहले एक-एक चम्मच अदरक का रस या पाउडर और शहद (early discharge medicine in hindi) मिक्स करके खाने से शरीर में गर्मी पैदा होती है जिसके कारण रक्त संचार बढ़ता है और कामोत्तेजना बढ़ती है।

मुलेठी (liquorice) का चूर्ण खाएं

मुलेठी जिसे आयुर्वेद में यष्ठिमाधु के नाम से भी जाना जाता है। इसका प्रयोग नाक और गले से संबंधित बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता है। किंतु आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि इसका प्रयोग यौन संबंधी मामलों में भी लाभदायक होता है। आयुर्वेद में इसे वात, पित्त नाशक एवं शुक्रवर्धक माना गया है। शीघ्रपतन को ठीक करने का कार्य भी मुलेठी करती है।

विधि – प्रतिदिन आधा चम्मच मुलेठी चूर्ण शहद या दूध के साथ सेवन करें।

लहसुन की कलियाँ (Garlic buds) खाएं

Garlic buds in hindi
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लहसुन को कई आयुर्वेदिक औषधियों के रूप में प्रयोग किया जाता है लगभग सभी घरों में उपलब्ध भी रहता है। प्रतिदिन चार से पांच लहसुन की कच्ची कलियाँ खाएं। इसका एक महीने के अंदर लाभ देखने को मिलेगा।

ब्लूबेरी (Blueberry) का सेवन करें

ब्लूबेरी खाने के कई लाभ होते हैं उनमें से एक शीघ्रपतन (Shighrapatan ka ilaj Patanjali) भी है। यह धमनियों (Arteries) को ब्लॉक होने से बचाती है और रक्त प्रवाह को बढ़ाती है। जिसके कारण शरीर में उत्तेजना बनी रहती है।

केला (Banana) एवं खजूर (Dates) का सेवन करें

प्रतिदिन एक पका हुआ केला और 100 ग्राम खजूर खाएं। इसके बाद मिश्री युक्त दूध का सेवन करें। इससे वृषण (Testis) में वीर्य अधिक बनता है और सेक्स करने की उत्तेजना भी बढ़ती है। ऐसा दो से तीन माह तक करने से शीघ्रपतन में भी लाभ होता है।

तुलसी की जड़ (Tulsi’s root) का प्रयोग

तुलसी की जड़ या बीज को पीसकर इसका चूर्ण बना लें। उसके बाद इसे पुराने गुड़ के साथ मिलाकर प्रतिदिन सेवन करें और बाद में दूध पी लें। इससे वीर्य गाढ़ा बनता है और पौरुष शक्ति बढ़ती है। इसके अलावा आप तुलसी की जड़ को पीसकर पान में मिलाकर खाने से भी पौरुष शक्ति में वृद्धि होती है और वीर्य भी पुष्ट होता है।

शतावरी (Asparagus) का सेवन करें

अर्ली डिस्चार्ज (Early discharge) को ठीक करने में शतावरी भी अच्छी भूमिका निभाती है। आयुर्वेद के अनुसार शतावरी (early discharge medicine in hindi) में बहुत सारे औषधीय गुण विद्यमान होते हैं। इसका सेवन करने से कई प्रकार की सेक्स समस्याएं ठीक होती है।

शीघ्रपतन में खानपान व जीवनशैली (Diet and Lifestyle in PE in Hindi)

शीघ्रपतन (early discharge problem solution in hindi) में आपको क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए। इसके साथ ही आपकी जीवनशैली कैसी होनी चाहिए ये याद रखने के लिए हमें निम्न बिंदुओं पर ध्यान देना आवश्यक है –

शीघ्रपतन में खानपान (Diet in Premature Ejaculation in Hindi)

shighrapatan me khanpan kaisa hona chahiye 

शीघ्रपतन में खानपान कैसा होना चाहिए ?

  • प्रतिदिन सुबह तीन छोटी इलायची (Cardamom) चबाएं।
  • आहार में अनाज शामिल करें।
  • ऐसे आहार का सेवन करें जो शरीर में शीतल प्रभाव डालते हैं जैसे किशमिश, बादाम, खजूर, काले चने, मुलेठी आदि।
  • कोल्ड ड्रिंक, जंक फ़ूड, पिज्जा, बर्गर, पेस्ट्री आदि चीजें खाने से बचें।
  • शीघ्रपतन में केक एवं चॉकलेट जैसी चीजों से बचें।
  • प्रोसेस्ड एवं प्रिजर्वेटिव जैसे फूड से बचने की कोशिश करें जैसे- सॉस, जैम, पैकेज्ड स्नैक्स आदि।
  • धूम्रपान और शराब जैसी नशीली चीजों का सेवन न करें
  • मिर्च-मसाले एवं तेल जैसी वस्तुओं का सेवन न करें।
  • तरबूज का सेवन करें। इसमें साइट्रलाइन (citrulline) पाया जाता है। साइट्रलाइन एक प्रकार का अमीनो एसिड है जो अच्छी इरेक्शन (erection) पैदा करता है।
  • शीघ्रपतन (early discharge problem solution in hindi) में गाजर का सेवन करने से भी लाभ मिलता है। गाजर में बीटा कैरोटीन और एंटीऑक्सीडेंट बहुत मात्रा में पाए जाते हैं जो लिंग के शिश्न के रक्त प्रवाह में सुधार करते हैं। ।
  • सहजन (मोरिंगा) का सेवन करें। इसके लिए आप सब्जी में सहजन का पावडर मिलाकर खा सकते हैं। या पावडर को पानी के साथ पी सकते हैं।
  • जायफल का सेवन भी शीघ्रपतन के लिए अच्छा होता है। प्रतिदिन किसी ना किसी रूप में इसका सेवन करना चाहिए।
  • प्रतिदिन लहसुन का सेवन करें। इसके लिए आप इसकी कलियों को घी में भून सकते हैं या फिर रोज सुबह खाली पेट इसकी कलियाँ चबाएं।
  • वीर्य को जल्दी निकलने से रोकने के लिए (early discharge problem solution in hindi) जिंक अथवा जस्ता युक्त आहार या मैग्नेशियम युक्त आहार का सेवन करें।

शीघ्रपतन में जीवनशैली (Lifestyle in Premature Ejaculation in Hindi)

Shighrapatan me jeevanshaili kaisi honi chahiye
शीघ्रपतन में जीवनशैली कैसी होनी चाहिए ?
  • मानसिक तनाव से हमेशा मुक्त रहें।
  • थकान से भी वीर्य जल्दी गिर जाता है। इसलिए थकान होने पर सम्भोग करने से पहले थोड़ा आराम कर लेना ठीक रहता है।
  • प्रतिदिन योग एवं व्यायाम करें। इनसे मानसिक और शारीरिक रोग दूर होते हैं।
  • संभोग करते समय डर एवं घबराहट नहीं होनी चाहिए। इनके कारण भी वीर्य जल्दी निकल जाता है।
  • लगे कि वीर्य निकलने वाला है तब एक गहरी लंबी सांस लें ऐसा करने से धड़कन काम होती है जिससे सीमेन (वीर्य) नहीं निकलता है।

शीघ्रपतन से सम्बंधित सवाल- जवाब (Questions and answers [FAQs] related to Early discharge in Hindi)

शीघ्रपतन से रिलेटेड कुछ सवाल ऐसे होते हैं जिनका उत्तर जानने हमारे लिए आवश्यक है। शीघ्रपतन से सम्बंधित प्रश्न निम्नलिखित है –

क्या शीघ्रपतन के लिए सड़क पर बेची जाने वाली दवाओं का प्रयोग करना चाहिए ?

कुछ लोग शीघ्रपतन को ठीक करने के लिए कई सरे लोग सड़कों के किनारों पर बेची जाने वाली दवाओं का सेवन करते है । इससे कई लोगों को लाभ मिलता भी है तो कइयों को नहीं मिलता है किन्तु आपको यदि शीघ्रपतन जैसी कोई समस्या है तो आपको सड़क के किनारों पर बेची जाने वाली औषधियों का सेवन न करके पहले किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से संपर्क कर लेना चाहिए।

शीघ्रपतन रोकने की टैबलेट कौनसी है?

शीघ्रपतन को रोकने (shighrapatan rokne ki tablet patanjali) के लिए मार्केट में बहुत सारी कंपनियां टैबलेट का निर्माण करती है। इस दवा का नाम सिल्डेनाफिल साइट्रेट टैबलेट आईपी (Sildenafil citrate tablet IP)  है। यह टैबलेट 50 एमजी और 100 एमजी के फॉर्मूले पर उपलब्ध है। यह बाजार में अलग-अलग कंपनियों की टैबलेट अलग-अलग नामों से जानी जाती है। इस टैबलेट का इस्तेमाल किसी अच्छे चिकित्सक के परामर्श के बाद ही करें।

शीघ्रपतन की समस्या को प्राकृतिक रूप कैसे ठीक किया जा सकता है?

नैचुरली या प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपायों से निश्चिंत रूप से शीघ्रपतन की समस्या (Shighrapatan ka ilaj Patanjali) को ठीक किया जा सकता है किन्तु इसके लिए रोगी की स्थिति एवं कोई अन्य बीमारी हो तो उसकी जानकारी होनी चाहिए। इससे आपको यह पता करने में आसानी होती है कि आपको किस कारण से शीघ्रपतन की समस्या है और किस तरह से ठीक किया जा सकता है।

शीघ्रपतन का ईलाज पतंजलि से कैसे होता है?

पतंजलि में शीघ्रपतन का इलाज (Shighrapatan ka ilaj Patanjali) करने के लिए औषधियों से निर्मित आयुर्वेदिक दवा का निर्माण किया गया है। इस दवा का नाम दिव्य यौवनामृत वटी (Divya Youvnamrit Vati) है। इस दवा का सेवन करने से पहले किसी अच्छे आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें। साथ में इसके सेवन के साथ शीघ्रपतन के ईलाज (Shighrapatan ka ilaj Patanjali) के लिए कुछ योगाभ्यास और प्राणायाम भी करना चाहिए।

क्या स्तम्भन दोष (erectile dysfunction) के कारण भी शीघ्रपतन हो सकता है ?

कभी-कभी स्तम्भन दोष के कारण भी शीघ्रपतन हो जाता है। यदि ऐसा लगता है कि शीघ्रपतन स्तम्भन दोष के कारण शीघ्रपतन की प्रॉब्लम हो रही है तो आपको स्तम्भन दोष का उपचार (Shighrapatan ka ilaj Patanjali) करवा लेना चाहिए। ऐसा करने से बहुत सी बार शीघ्रपतन भी ठीक हो जाता है।

आयुर्वेद के अनुसार शीघ्रपतन की समस्या क्यों होती है?

आयुर्वेद के अनुसार हमारे शरीर में तीन दोष होते है – वात, पित्त और कफ । ये तीनो जब तक शरीर में संतुलित अवस्था में होते है तब तक शरीर स्वस्थ रहता है किन्तु जब ये असंतुलित हो जाते हैं तो शरीर में कई प्रकार के दोष उत्पन्न हो जाते हैं और बहुत सारी बीमारियां होने लगती है।

शीघ्रपतन भी इन्ही दोषों के असंतुलित होने के कारण होता है। जब शरीर में वात दोष की प्रधानता एवं कफ दोष की कमी होने लगती है तो शरीर में शीघ्रपतन दोष उत्पन्न होता है। पहले शीघ्रपतन की समस्या को मनोवैज्ञानिक माना जाता था किन्तु यह समस्या मनोवैज्ञानिक कारणों के अतिरिक्त जैविक कारणों से भी होती है।

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