बर्ड फ्लू (Bird flu in Hindi) – लक्षण, कारण, घरेलू उपाय

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बर्ड फ्लू एक प्रकार का रोग होता है जो सबसे पहले पक्षियों में फैलता है तथा यह इतना खतरनाक होता है कि इससे पक्षियों की मौत हो जाती है किन्तु यह सिर्फ पक्षियों में ही नहीं बल्कि मनुष्यों में भी फैलता है ।

यह बीमारी एक प्रकार के वायरस से होती है जिसे एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस कहते हैं । नाक बहना, गले में खराश होना, सिरदर्द, खांसी, बुखार आना आदि इसके प्रमुख लक्षण होते हैं ।

बर्ड फ्लू क्या है? (What is Bird flu in Hindi)

 

Bird flu बर्ड फ्लू
बर्ड फ्लू
Bird flu kya hota hai  

बर्ड फ्लू जिसे पक्षी इंफ्लूएंजा के नाम से भी जाना जाता है । यह एक खतरनाक विषाणुजनित बीमारी है जो एवियन इंफ्लूएंजा वायरस के कारण होती है।  इसी कारण इसे एवियन इंफ्लूएंजा वायरस (Avian influenza virus) कहा जाता है। वैसे तो यह वायरस पक्षियों में फैलता है किन्तु इसका संक्रमण मानवों में भी हो सकता है ।

बर्ड फ्लू एक प्रकार की जूनोटिक बीमारी है क्योंकि यह बीमारी जानवरों में पाई जाती है। यह वायरस चिकन, मोर, बत्तख, ग्रीस एवं कौए जैसे पक्षियों में फैलता है। बर्ड फ्लू इतना खतरनाक होता है कि इससे इंसानों एवं पक्षियों की मौत भी हो सकती है।

बर्ड फ्लू का सबसे पहला संक्रमण 1997 में हॉन्ग कॉन्ग में पाया गया था।

बर्ड फ्लू के प्रकार (Types of Bird flu in Hindi)

Bird flu in hindi
Bird flu
बर्ड फ्लू के कितने प्रकार है? Bird flu ke prakar  bird flu types in hindi 

अगर बर्ड फ्लू के प्रकारों की बात करें तो मनुष्य में संक्रमित होने वाले दो प्रकार के एवियन इंफ्लूएंजा वायरस की खोज की गई है। ये दोनों वायरस H5N1 एवं H7N9 के नाम से जाने जाते हैं। इसके अतिरिक्त बर्ड फ्लू फैलाने वाले अन्य वायरसों की खोज भी हो सकती है।

बर्ड फ्लू के निम्नलिखित दो प्रकारों की खोज हो चुकी है –

  • H5N1
  • H7N9

बर्ड फ्लू के लक्षण (Symptoms of Bird flu in Hindi)

बर्ड फ्लू के क्या लक्षण होते हैं? bird flu ke lakshan  bird flu symptoms in hindi 

बर्ड फ्लू के लक्षणों की बात करें तो इसके लक्षण अन्य फ्लू के समान ही तथा उनसे मिलते-जुलते हो सकते हैं। ये लक्षण सामान्य तथा गंभीर दोनों प्रकार के हो सकते हैं। बर्ड फ्लू के लक्षण निम्नलिखित हैं –

गले में खराश होना

बर्ड फ्लू का सामान्य लक्षण है की जब बर्ड फ्लू किसी व्यक्ति को होता है तो उसके गले में खराश होने लगती है।

खांसी चलना

जब बर्ड फ्लू होने से गले में खराश होती है तो स्वाभाविक ही गले में खांसी चलने लगती है।

नाक बहना

बर्ड फ्लू का एक लक्षण नाक बहना भी है। जब किसी व्यक्ति को बर्ड फ्लू हो जाता है तो उसकी नाक बहती है और सर्दी हो जाती है।

सिरदर्द होना

बर्ड फ्लू होने वाले व्यक्ति में एक लक्षण यह भी हो सकता है कि जब उसे बर्ड फ्लू होता है तो उसका सिर दर्द करने लग जाता है।

बुखार आना

बर्ड फ्लू होने पर उस व्यक्ति को बुखार भी आती है। बुखार आना भी एक बर्ड फ्लू का लक्षण है।

मांसपेशियों में दर्द होना

बर्ड फ्लू होने पर (Muscles) मांसपेशियों में दर्द होने लगता है और इसके साथ ही हाथ-पैर भी दर्द करने लगते हैं।

आंख आना (Conjunctivitis)

बर्ड फ्लू होने पर रोगी को कंजक्टिवाइटिस हो जाता है अर्थात् उस रोगी की आंख आना शुरु हो जाती है। आंख आने के कारण आंखे लाल हो जाती है और कभी-कभी सूज भी सकती है।

इन सभी लक्षणों के अतिरिक्त कुछ अन्य लक्षण भी हो सकते हैं जैसे – शरीर में कमज़रीआना, सर्दी-जुकाम होना आदि।

Bird flu in hindi
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बर्ड फ्लू होने के कारण (Causes of Bird flu in Hindi)

बर्ड फ्लू होने के क्या कारण होते हैं? Bird flu ke karan in hindi  bird flu causes in hindi 

बर्ड फ्लू होने का सबसे बड़ा कारण एवियन इंफ्लूएंजा वायरस के संक्रमण से होता है। बर्ड फ्लू का यह वायरस (H5N1) वैसे तो पक्षियों में फैलता है लेकिन संक्रमित पक्षियों के नाक, मुंह, या आंखों से निकलने वाले पदार्थों एवं मल से मनुष्य में संचारित हो सकता है।

संक्रमित पक्षियों से प्राप्त होने वाले अंडों, को में भी एवियन इंफ्लूएंजा वायरस (H5N1) वायरस फैलने की शंका रहती है इसलिए पक्षियों से प्राप्त होने वाले अंडों को हमेशा उबाल कर ही खाना चाहिए।

इसके अतिरिक्त संक्रमित पक्षियों के पंख, थूक, मूत्र एवं मल आदि के संपर्क में आने पर बर्ड फ्लू का खतरा हो सकता है।

बर्ड फ्लू का परीक्षण (Testing of Bird flu in Hindi)

बर्ड फ्लू का परीक्षण कैसे किया जाता है?

बर्ड फ्लू का परीक्षण  कई प्रकार से किया जा सकता है। वैसे तो बर्ड फ्लू के लक्षणों के आधार पर बर्ड फ्लू की पहचान या शंका हो जाती है किन्तु यह आवश्यक नहीं है कि ये लक्षण बर्ड फ्लू के ही हैं। इसलिए बर्ड फ्लू बीमारी की जांच करने के लिए कुछ परिक्षण किए जाते हैं।

जब आप डॉक्टर के पास जाएंगे तो डॉक्टर बर्ड फ्लू के लक्षणों की जांच करने के लिए आपसे यह पूंछ सकते हैं कि आप 3-4 दिनों के अंदर किसी यात्रा पर थे या नहीं। इसके अलावा डॉक्टर बर्ड फ्लू पैदा करने वाले वायरस (H5N1) की जांच करने के लिए निम्नलिखित टेस्ट कर सकते हैं –

  • बर्ड फ्लू की जांच करने के लिए डॉक्टर आपकी छाती का एक्सरे (X-ray) कर सकते हैं।
  • आपके श्वशन तन्त्र में इंफेक्शन का पता लगाया जा सकता है।
  • एस्कलेशन टेस्ट (Escalation test): यह एक प्रकार का टेस्ट होता है जिसकी सहायता से सांस के द्वारा आने वाली असामान्य आवाजों का पता लगाया जा सकता है।
  • रक्त कोशिकाओं में अंतर का पता लगाना।
  • गले अथवा थूक का लैब में टेस्ट करना।
 Bird flu in hindi
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बर्ड फ्लू से बचाव या रोकथाम (Prevention of Bird flu in Hindi)

बर्ड फ्लू का बचाव कैसे किया जाता है?  bird flu se bachne ke upay  bird flu se kya hota hai

बर्ड फ्लू की रोकथाम या बचाव करना बहुत सरल है। निम्न तरीके अपनाकर आप बर्ड फ्लू से बचाव कर सकते हैं –

  • अपने हाथों को अच्छी तरह हैंडवाश या साबुन से धोते रहें। इसके साथ ही आप हैंड सैनिटाइजर (Sanitizer) का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • प्रदूषण से बचें और प्रदूषण वाले स्थानों पर जाने से सावधान रहें।
  • पालतू पशु-पक्षियों से दूर रहें। क्योंकि बर्ड फ्लू पक्षियों से ही फैलता है।
  • कच्चे अंडों एवं चिकन को खाने से बचें। हमेशा अच्छी तरह पके हुए अंडों एवं चिकन का ही प्रयोग करें।
  • हमेशा अपने आहार पर ध्यान दें। शरीर में पौषण की कमी न होने दें।

बर्ड फ्लू का उपचार (Treatment of Bird flu in Hindi)

बर्ड फ्लू का उपचार कैसे किया जाता है? अथवा बर्ड फ्लू का उपचार किया जा सकता है या नहीं? bird flu ka ilaj 

अगर बर्ड फ्लू के उपचार की बात करें तो इससे घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है क्यूंकि बर्ड फ्लू का उपचार किया जा सकता है। कुछ दवाइयां बर्ड फ्लू के उपचार के लिए उपलब्ध हैं जिनकी सहायता से बर्ड फ्लू का उपचार किया जा सकता है। रोगी को दवा लेने के बाद आराम करना चाहिए और साथ-ही-साथ रोगी को अच्छे वातावरण में रहना चाहिए।

बर्ड फ्लू के रोगी को अपने परिवार के सदस्यों से दूर रखा जाना चाहिए। ताकि उसका संक्रमण किसी दूसरे व्यक्ति को न फैले।

Antibiotics for Bird flu
Photo by freestocks on Unsplash

बर्ड फ्लू के उपचार के लिए निम्नलिखित दवाइयां उपलब्ध है –

पैरामिविर (Rapivab),

जेनामीविर (Relenza) एवं

ओसेल्टामिविर (Oseltamivir) आदि

2 thoughts on “बर्ड फ्लू (Bird flu in Hindi) – लक्षण, कारण, घरेलू उपाय”

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